तमन्ना-ए-महबूब ( wish of the beloved )

poem

#1

सपनों से कहदो थोड़ा सा इंतज़ार करें ,
हक़ीक़त-ए-जिंदगी पर सोच - विचार करें ।

अभी तो नौकरी की चिंता बाकी है ,
यूँ न रोज़ी रोटी को तार- तार करें ।

यह ख़्वाब धुंदले से ,दिखाई ही नहीं देते ,
फिर किस बिना पर इनसे प्यार करें ।

बेख़ुद कर हमसे ख़ुद्दारी न छीनों,
उनसे कहदो के ,यूँ न दिल पे वार करें ।

इज़्तिराब-ए-मुहब्बत ने क्या हाल कर दिया है, क्यों ग़म-ए-तन्हाई में हम जीना दुश्वार करें ।

हसरत-ए-आशना में उम्र कटती गई ,
अब क्या किसी कामिनी पर जाँ निसार करें ।

अब फहश तबस्सुम से बचना पड़ता है ,
अब क्या किसी अय्यार पर ऐतबार करें ।

अब तो तस्वीरों से ही गुफ़्तगू होती है ,
मुसव्विर भला और कहाँ बातें चार करे ।

  • शाहीर रफ़ी

Word meanings :
तार - तार - demolishing/destroying something or someone.
इज़्तिराब-ए-मुहब्बत - restlessness during love.
हसरत-ए-आशना - lust for a companion.
कामिनी - a synonym for lady
फहश तबस्सुम - faked/wicked smile.
ऐतबार -feeling proud of something/Someone.
मुसव्विर - painter/artist
अय्यार - clever


#2

this was awesome
nice going brother