वेश्या (we are humans like you)

वेश्या (we are humans like you)
[Prostitute ]
मैं भी इंसान हूँ,भगवान की वरदान हूँ
नाम मेरा कुछ नहीं बस जिस्म की पहचान हूँ
क्यूँ करते सब मेरा दीदार जबकि मैं एक दाग़ हूँ
नोच खाते मान मेरी जैसे एक हैवान हों
तृसा है उनको जिस्म की बस
रूह तो किसी और से मिला जाते हैं
प्यार प्यार बोल के वो नादान परिंदो को
भी अपना शिकार बना जाते हैं
हम भी थे किसी के घर की उजाला
हमारे घर को ये वेश्याले नाम दे गए
कारोबार करते ये हाथो से अपना
ख़ैर!हमारे जिस्म को ही ये कारोबार बना गए
रोते है हम भी हसने का एक मुखोटा लगा के
और अपनी झूठी हँसी से आकर्षित करके
परिवार को देखा नहीं मगर ख़ुश रहते है
अपने सखीयो को परिवार कह के
मजबूरी समझते नहीं मेरा ये
दुख बाट सकती नहीं किसी से मैं
ख़ुशी की रोटी क्या है इस बात से अनजान है
कैसा!मान-सम्मान, इन बातों का रखते नहीं हम ज्ञान हैं
क्या हम नहीं इंसान जो ये हमें ख़ुद से अलग समझते है
प्यार के क़ायल हम बस क्यू करते अपनी बातों से घायल सब ?
काश! इस दुनिया में जीते ना हम
ऐसे ख़्याल आते है मस्तिष्क में
फिर भी जीते है हम ख़ुद के लिए
खुदा से दुआ माग के
बनना हमें भी माँ है और किसी की बेटी या बहु ही सही
ना बनना हमें पानी या तालाब या कुएँ की मछली
क्यू?दुनिया का दूसरा चेहरा देखते हम
और अपना चेहरा छिपाते फिरते है
माना कि हम तुम जैसे नहीं मगर हम भी इंसान हैं
जीते हम भी है मगर ख़ुद को बदनाम करके
Aditi
@crooked_dimple

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one of the best poems I have read on YoAlfaaz… very nice…

perfection in work be like this

Simply outstanding. :heavy_heart_exclamation: