Tum galat thi

गर खफ़ा न हो मुझसे तो वो बात कहूँ ।
दरमियां हैं तेरे मेरे वो राज़ कहूँ ।

रहबर हो कि मुझे ग़लत कहनेवाली ।
बुरा न लगे तो तेरी बेवफ़ाई वाले सारे जज़्बात कहूँ ।

अब जो में ग़लत हूँ , तो कैसे तेरी सना कहूँ ।
जिस्मों में उल्हजने से पहले की उल्फत को तेरी खता कहूँ ।
जो हो न सका तेरे इंतज़ार में अब उसको में क़ज़ा कहूँ ।

मेरे
हम उमर
हम साये
हम दम
हम राही

आख़िर क्यों देनी पड़ती हैं सिर्फ़ हमें सबूत ए बेगुनाही ।
क्यों तुम नादान हो जाते हो बिना किसी सफाई ।

ज़रा फिर से सोच के दोहराओ कहानी हमारी ।

या क्या चाहते हो
या क्या चाहते हो मुझसे वो सारी बातें तफसील से में ही कहूँ ।

4 Likes

लवजो को ऐसी कारीगरी जो दिल छु ले, नज़र आई हमे आपकी शायरी में।
:revolving_hearts::heart_eyes::heart_eyes::heart_eyes:

2 Likes

Ye jawab tha ek anjaan ladki k liye jisne whatsaap grp me likha tha …

I was innocent enough, until you used me for your physical satisfaction…

Taki
Ab next time wo khayal rakhe …
Gar humpe koi ilzaam rakhe …
Yuhi na keh de kuch bhi…
Sabooto ka bhi khayal rakhe…

1 Like

U are just amazing man. I just want to ss your writings and post it… it’s just fab!!

1 Like

Read my letter to parents surely you are gonna love it alot…