क्यों चाहत करूं उसकी

क्यों चाहत करूं उसकी जिसने मुझे को परखा ही नहीं
क्यों फिक्र करूं उसकी जिसने आज तक मुझे जाना ही नहीं
क्यों चाहत करूं उसकी जिसने मुझे चाहा ही नहीं
क्यों फिक्र करूं उसकी जिसने मेरा हाथ थामा ही नहीं

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wow :two_hearts:

Waahh​:heart::heart: