दिल का एहसास

इस दुनिया मे सबसे अमीर हूँ, दिल को ये एहसास होता था,
जब मेरे कांधे पे उसका सिर और हाथों में हाथ होता था।
एक मुस्कान ही काफी थी उसकी जब भी मैं परेशान होता था।
साथ आना साथ जाना वो वक़्त भी कितना खास होता था।
उसकी हर खुशी में शामिल था मैं,
परेशान होती तो मैं भी परेशान होता था।
छोड़ कर जाने की बात उसके आगे मजाक में टाल कर,
बाद में सोचता हुआ मैं सारी-सारी रात ना सोता था।
डर लगता था दूरियां न बड़ जाएं,
नाराज होते ही उसी वक़्त कुछ भी करके उसे मना लेता था।
भगवान का एक एक पल के लिए शुक्रिया किया है मैंने
जो पल मेरा उसके साथ होता था।
कहीं से भी मिलने पहुंच जाता था उसे,
मुझे सिर्फ उसके एक इशारे का इंतज़ार होता था।
उसे कुछ पसन्द आए, उसके कदमो में रख दूं,
कुछ कमी ना रहे उसे, दिल मे बस यही मलाल होता था।
इस दुनिया मे सबसे अमीर हूँ, दिल को ये एहसास होता था,
जब मेरे कांधे पे उसका सिर और हाथों में हाथ होता था।

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