वो कहते रहे!

बदसलूक है ये दुनिया, इसका वाहिद सा नाम हैं!!
बदसलूक है ये दुनिया, इसका वाहिद सा नाम हैं!!
माँ थी कैद अरसो से वहा…
वो कहते रहे शमशान हैं!!

आज आया हुँ मिलने को उसे,
जनाजा लिये अपना…
आज आया हुँ मिलने को उसे,
जनाजा लिये अपना…
बडीं खामोशी से उसकी आवाज सुनने को था बेताब मे…
और आवाज आई भी तो… राम नाम हैं।

पहोचा मे भी जल जाने को, कि
साथ रहूँगा माँ के अब तो…

पहोचा… मे भी जल जाने को, कि
साथ रहूँगा माँ के अब तो…
मिला भी नहीं था, तभी बेटा बोल पड़ा:
चलते है घर, आखिर ये एक शमशान हैं!

मे भी हौ गया था कैदी, इसिलीये बोल रहा हुँ…!!!

बदसलूक है ये दुनिया, इसका वाहिद सा नाम हैं!!
बदसलूक है ये दुनिया, इसका वाहिद सा नाम हैं!!
मैं भी था कैद अरसो से वहा…
वो कहते रहे शमशान हैं…

-axy

3 Likes

the WOW post
very interesting and impressive
nice post @axy
keep going friend

That’s really beautiful. So heart touching and very presented

Thank you :slightly_smiling_face: @Ravi_Vashisth @navjyotsingh.rajput

2 Likes