कारगिल विजय दिवस

सामने दुश्मन की सेना और नीचे गहरी खाई थी,
परिस्थितियां भले अनुकूल थी, पर होंसले और हिम्मत की लड़ाई थी,
जुनून था दिल मे के जान दे कर भी ध्वज लहराना है,
के एक जुनून था दिल मे जान देकर भी ध्वज लहराना है…
एक, दो या तीन जाने नही…
सैंकड़ो शहादतों की बदौलत कारगिल विजय पाई थी…।

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