यादें

हर सहर यादें उसकी ऐसे दस्तक दे जाती है,
जैसे हमारे अलावा उसका इस जहाँ में कोई है ही नहीं;

और फिर जब मैं उसकी यादों से तंग आ कर उसे याद करती हूँ,
तो वो मुझे ऐसे टाल जाता है जैसे मैं उसकी कुछ हूँ ही नहीं।।

2 Likes

it hurts but yes, exists
nice post and well penned @Rupa_dey

1 Like

:heart::heart::heart::heart:

1 Like