तुम्हारा साथ चलना

ज़िन्दगी की हर राह पर तुम्हारा साथ चलना, तुम्हारी
ऐसी आदत डाल गया,
के तुमसे अलग होने के महीनों बाद, राह-ए-ज़िन्दगी
पे चलने को किसी ने मेरा हाथ थामना चाहा,
कमख्त! ये दिल बिना सोचे उसका प्रस्ताव टाल गया।