ये रात की ठंडी हवाएं

नमीं समेटे ये रात की ठंडी हवाएं
कुछ जानी पहचानी सी लग रही हैं,

दिल की गहराई के एक कोने में छिपी
हिम की यादें भी ताजा कर रही हैं,

तपते सूरज की गर्म हवाओं ने
जला कर राख कर दिया था जिसे
दिल मे वो सुकून को फिरसे भर रही हैं।

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:heart::heart:

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