ना आती हमे ऐसी झूठी अदाएं

कभी झूठी सी हंसी और कभी झूठ के आंसू और क्या क्या बताएं,
** कहते हैं प्रसिद्धि चाहिए तो अदाकारी के साथ कुछ हसीन चेहरे भी दिखाएं,**
अरे! हमने तो सच से लिखना शुरू किया था और मेरे दाता आगे भी सच ही लिखवाएंगे,
**हां! मेहनत करते हैं, देखना ईश्वर ने चाहा तो एक दिन सूरज की तरह उभर कर भी आएंगे, **
अरे जाओ! ले जाओ तुम्हारी ये घटिया सलाहें ना चाहिए हमें कोई हसीना और ना आती हमे ऐसी झूठी अदाएं।

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Kya khoob likha hai! :blue_heart:

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Ji Thankyou…

very well penned… :slight_smile:

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:pray::pray::pray::pray:

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