जख्म-ऐ-मोहब्बत

ये तमाशबीन स्वार्थी
दुनिया को मैंने मेरा दर्द देख हस्ते देखा,
शायरी समझ
वाह वाह कर तालियां बजा रहे थे लोग!
जब हमने अपने
जख्म-ऐ-मोहब्बत का दर्द लिखा।

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Wah! :heart:

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khoobsurat :blue_heart:

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Dhnyawad ji

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Dhanyawad ji

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