मैं और मेरी कहानी

अपनी कहानी के दर्द को, कब का भुला चुका हूं मै,
अब तो उस दर्द की, कहानी लिखे जा रहा हूं मै ।।

मोहब्‍बत करी थी जिस चादनी रातों से,
उस चादनी को ओढ कर सोये जा रहा हूं मै।

जिस आसमां में बादलों को देख कर भीगने का मन करता था,
उन बादलों के तेजाब में खुद को मिटायें जा रहा हूं मै।

किसी बाग के महकते हुए फूल को देख कर खुश हुआ करता था,
उन्‍ही फूलों के कांटो पर चले जा रहा हूं मै।

जिस राह में हजारों कदम चले थे बिना थके,
उन्‍ही राहों की मंजिल में उलझा जा रहा हूं मै।

खुद को अलग सदा में उतारे जा रहा हूं मै,
अब खुद से खुद को अलग किये जा रहा हूं मै।
अलग किये जा रहा हूं मै।।

@agarwalanshul19
@silentword9
#agarwalanshul19

1 Like

great start friend and this is really good post
interesting to read and it goes nice with flow too
also
Welcome to YoAlfaaz family and keep writing

1 Like

नमस्‍कार,
रवि जी अच्‍छा लगा आपने मेरी पोस्‍ट के लिए समय निकाला लेकिन मुझे आपसे और आपकी टीम से शिकायत है। मै पहले से ही यहां पर कुछ लिखता आया हूं लेकिन अचानक मेरी पुरानी आईडी जो कि इसी नाम और मेल से थी उसे बन्‍द कर दिया गया जिससे मेरी सारी पुरानी रचना अब यहा नही है और जिसकी जानकारी मुझे नही दि गई ताकि मै उन्‍हे कही ओर लिख संकू।

2 Likes

I am looking into this matter personally, and i assure you to help you.

1 Like

We are really sorry for inconvenience caused.
Kindly get in touch with @Ravi_Vashisth
@thegurjyot for the matter.

1 Like