उड़ता हुआ परिंदा

बंधे हुए कोने में सिमटा मैं,
कुछ ना किसी से कहा हमने
ख्वाब मेरे टूट रहे सारे
जिए क्यों जब हो इतने बहाने
उड़ता हुआ हूँ एक परिंदा मैं।

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I see where this is going :kissing_heart:

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wah kya baat hai… :clap:

nice post @sidalfaaz