रास्ते विपरीत निकले

हम तो तैयार होकर पथ पर ठीक निकले,
लेकिन हमारे रास्ते सारे ही विपरीत निकले ।

सोचा था बहार ही बहार होगी लेकिन,
हर कदम बढ़ाने अब तो मानो अपनी टीस निकले ।

चलता रहूंगा कामयाबी की ओर चाहे दर्द हो या चीख निकले,
तो क्या हुआ जो सारे रास्ते हमारे विपरीत निकले ।

©KK

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nice lines brother and it’s so good to see you back…

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Thanks so much bro :heart_eyes:

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