साथ नहीं हो।

मेरे साथ तो है।
मग़र साथ नहीं देते है।

में जो डगमगा जाऊ।
तो हाथ नहीं देते है।

हम सब्र कर सब सह भी लेते है।
क़ुसूरवार जब तक अपने क़ुसूर कह नहीं देते है

shah Talib Ahmed

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Wah! :ok_hand::heart:

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Gajb :clap::clap::writing_hand::raised_hands:

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Bahut shukriya

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