मासूम सा वोह शक्स

मासूम सा वोह शक्स ,
हिमाकत थोड़ी अजीब सी करता है
नफ़रत है तुझसे , लेकिन दिल में तुझे रखता है

साथ रहना तेरे, किस्मत में नहीं
दूर रहना तुझसे , यह गंवारा नहीं
जाने कैसी दो तरफा शख्सियत लिए फिरता है

दर्द देने में कसर नही, बिना उसके बसर नहीं
अपनी ज़िन्दगी में , एहमियत तेरी
कुछ इस कदर रखता है

आंसू भर आंखो में, बातों से खुशियां बिखेरता है
दिल के हर पन्ने में , तेरे यादों का फूल सहेजता है

मासूम सा वोह शक्स ,
हिमाकत थोड़ी अजीब सी करता है
नफ़रत है तुझसे , लेकिन दिल में तुझे रखता है

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Bohot khub. :heart: