मेरी सांता मेरी माँ ।

मेरी माँ मेरी सांता ,
हां सही पढ़ा अपने क्योकि अब में जो आपको बताने वाला हूं उसके बाद आप भी यही कहेगे , कल शाम की बात है , अचानक मेरे घर के पास रहने वाली एक लड़की अपने घर का एक बर्तन ले कर आयी और माँ से कुछ पैसे ले कर चली गयी उसके चेहरे पर परेशानी साफ़ नज़र आरही थी , मै अपने ऑफिस का काम कर रहा था तो मेने सब देखा मगर काम ज़्यादा होने की वजह से पूछ नहीं पाया की क्या हुआ , अगली सुबह जब हम सब धूप में बैठे थे वो लड़की फिर से आयी और खुश लग रही थी , उसने मेरी माँ से अपना बर्तन मांगते हुए कहा की आपका बहुत धन्यवाद और बर्तन ले कर चली गयी.

उसके जाने क बाद मेने माँ से पूछा की क्या बात थी कल वो बर्तन दे कर आपसे पैसे ले कर गयी थी और आज बर्तन वापिस लेने आयी थी , तब माँ ने मुझे बताया की कल उनको पैसो की ज़रूरत थी और उसके लिए वो अपने बर्तन बेच कर मुझसे पैसे लेने आयी थी तो मैंने उसकी मदद की थी , मैंने चकित हो कर पूछा की माँ आपको बर्तन रखने की क्या ज़रूरत थी आप तो वैसे भी अक्सर उनकी मदद करती रहती है,

तब माँ ने मुझे पास बैठाया और कहा की अगर बिना बर्तन के उनको पैसे दे देती तो वो कही और जा कर उस बर्तन को बेच देती और फिर वो बर्तन उनको वापिस नहीं मिलता , मगर आज जब उनको उस बर्तन की ज़रूरत थी तो उन्हें एहसास हुआ की मुझसे बर्तन वापिस लिए जा सकते है , मुझे आज उस लड़की ने कहा की उसके माँ ने कहा की आप बर्तन वापिस कर दे पैसे जल्दी ही आने वाले है तब माँ आपको वापिस कर देंगी क्योकि आज बर्तन क बिना उनके घर में खाना बनाने में परेशानी हो रही थी .

माँ की बात सुनकर मुझे एहसास हुआ की कभी कभी हमारी छोटी छोटी मदद की बड़ा प्रभाव डालती है.
फिर उसी शाम मैंने अपनी एक गलती हो सुधार कर माँ को ख़ुश कर दिया .

मेरे घर में काम करने वाली आंटी काफी दिनों से कम्बल मांग रही थी मगर में रोज़ भूल जाता था , शाम को जब मैंने उनको आते हुए देखा तो मुझे माँ की बात याद आगयी में फटाफट गया और संदूक से अपना कम्बल निकल कर लाया और छुपा क रख दिया और आंटी क काम ख़तम होने का इंतज़ार करता रहा , जैसे ही वो काम ख़तम कर के जाने लगी मैंने आवाज़ दे कर उनको रोका और उनको वो कम्बल दिया , उनके चेहरे पर ख़ुशी देखने लायक थी और साथ ही माँ भी बहुत ख़ुश हुई .

फिर हम सब ने साथ बैठकर मूम्फ़ली खाई और पिक्चर कुली न १ पिक्चर दखने लगे .
अब आंटी को कम्बल में कैसी नींद आयी ये तो पूछ कर ही बता पाउगा .

२५ दिसंबर की सच्ची घटना पर आधारित , तो हुई ना मेरी माँ मेरी सांता .

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Best Santa ever! :heart:

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Thank you so much dear , means alot :heart_eyes:

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