क़लम से बयाँ।

उनसे मुख़ातिब होते वक़्त क़लम भी साथ रखता हूँ।
नाफ़रमानी ना हो जाये उनके हर हुक्म को दरयाफ़्त रखता हूँ।

उन्हें लगता है भूल जाता हू में ।
कोई बताओ उन्हें
उनको ज़ेहन में हर लम्हा साथ साथ रखता हूँ।

Name : Shah Talib Ahmed

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Kya baat. :heart:

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