व्यापार नहीं मैंने प्यार किया है

सौ बार नहीं , एक बार किया है
व्यापार नहीं, मैंने प्यार किया है
इक ही को समझा
इक ही को चाहा
इक ही से मैंने इज़हार किया है
जिसे चाहा मैंने , अपनी हद्द से बाहर
जिसे मांगा था मैंने , कभी तेरे दर पे आकर
आज भी उसी का इंतज़ार किया है
सौ बार नहीं, इक बार किया है
व्यापार नहीं मैंने प्यार किया है

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Wah maza aa Gaya :clap::clap:

Kya baat. :blue_heart:

Good one