** अनकही सी प्रेम कहानी **

एक शख्स है जो पराया होकर भी अपना सा लगता है,
एक शख्स है जो दूर रहकर भी बहुत करीब महसूस हुआ करता है,
कुछ वक़्त की मुलाक़ात में ही वो बहुत सी खुशियां अपने संग लाया करता है,
मुखातिब वो मुझसे कुछ इस कदर हुआ करता है,
जैसे मानो हवा का झोखां मेरी रूह को छू कर चला जाया करता है,
मुझे जब उसका दीदार हुआ करता है,
तो एक सुकून सा मेरी रूह को मिला करता है,
उसे मोहब्बत कुछ इस कदर है मुझसे,
जैसे खुदा को अपने बन्दों से हुआ करता है,
अनकही, अनसुनी सी है ये मोहब्बत की कहानी,
तेरी और मेरी ये है मोहब्बत की रवानी,
तेरी मोहब्बत मेरी जिंदगी में इस कदर नूर बिखेरा करता है,
जैसे चाँद अपनी चांदनी पुरे जहाँन में बिखेरा करता है,
हर एक वक़्त में तेरे साथ होने का एहसास हुआ करता है,
ये तेरी मोहब्बत का नूर ही है जो इस वक़्त की नजाकत में भी,
तेरे मेरे साथ होने का एहसास दिलाया करता है,
अनकही सी है ये तेरी और मेरी प्रेम की कहानी,
जो ना मैं तुझसे और ना तू मुझसे कभी कहा करता है,
वो अपने प्यार का इजहार बड़ी खूबसूरती से किया करता है,
वो मोहब्बत कुछ वक़्त में ही खुदा की इबादत की तरह किया करता है,
अपने होठों में वो मुस्कराहट को कुछ इस कदर छुपाये रखता है,
जैसे मानो वो मुस्कुराएं तो एक सुकून सा मेरी रूह को मिला करता है ||

@Monika_Kumari

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Wow​:heart_eyes::heart:

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Thanks @unknown_soul

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