** इश्क़ **

जब इश्क़ में वो टशन ही ना हो,
तो वो इश्क़ कैसा।

जब इश्क़ चेहरे को छोड़ रूह से ना हो,
तो वो इश्क़ कैसा।

ये इश्क़ तो एक आग का दरिया है,
इस दरिया में कोई समाये ही ना,
तो वो इश्क़ कैसा।

इस इश्क़ में ज़िस्म की ख़ूबसूरती को परे रख,
जो दिल की ख़ूबसूरती से होकर रूह तक ना जाये,
तो वो इश्क़ कैसा।

@Monika_Kumari

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Thank You @Thehouseoflekhani

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Beautifully expressed❤️

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Thank u @unknown_soul

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:heart_eyes::heart: