कुछ तुम लाना, कुछ मैं सितारे लाऊँगी

कुछ तुम लाना, कुछ मैं सितारे लाऊँँगी
ये न समझना कि मैं ही सारे लाऊँगी।
कभी रौशनी से तेरी ज़िंदगी जगमगादू मैं
कभी तू जगमगाना जब मैं अंधियारे लाऊँगी

कभी खुशियों की चाशनी मैं घोलू
कभी तुम भी मिठास बन जाना
कहीं कड़वे पल जो आजाए
या जब आँसू मैं खारे लाऊँगी।
कुछ तुम लाना, कुछ मैं सितारे लाऊँगी।

सफर तवील है ज़िन्दगी का ऐ हमसफर
हमराह तूफ़ां भी होंगे, सैलाब भी
कश्ती भी ड़ोलेंगी, तुम पतवार संभाल लेना
और मैं किनारे लाऊँगी।
कुछ तुम लाना, कुछ मैं सितारे लाऊँगी।

एक दूसरे को बदल के जब थक जाएंगे
तब फिर से पुराने हम हो जाएंगे
तुम मेरे कुछ ख्वाब ले आना
मैं सारे ख्वाब तुम्हारे लाऊँगी।
कुछ तुम लाना, कुछ मैं सितारे लाऊँगी।

जब सेहमी सी आँखों में नींद नहीं आएंगी
प्यारी सी थपकी एक मेरे सिरहाने रख जाना
जब तुम को ज़रूरत होंगी तब मैं
नींद, थपकी, सपने सुखाने सारे लाऊँगी
कुछ तुम लाना, कुछ मैं सितारे लाऊँगी।

अगर शिकवे शिकायत की होड़ लग जाए
कभी तुम चुप रहना, कभी मैं रेह जाउँगी
न अगले दिन तक जाए बहस हमारी
ये वादा हर बार नीभाऊँगी
कुछ तुम लाना, कुछ मैं सितारे लाऊँगी।
हमीदा

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Kya baat :heart::heart:

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Bohot khub. :heart:

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