चीज़े बहुत बदल गई है...😅

चीज़ें बहुत बदल गयी है, नहीं आसपास नही खुद मुझ में ही। कुछ साल पीछे जाती हूँ तो सोचती हूँ कितनी अलग थी मैं। स्कूल में प्रिंसिपल के रूम में पटाखे लगाने से लेकर क्लास में सबसे ज़्यादा मार्क्स लाने तक सब कुछ किया। कॉलेज में पढ़ाई कम और नाच गाना और नारे लगाने का काम ज़्यादा किया, प्रेम कविताएं लिखने से ज़्यादा प्रेम किया। अब सब बदल गया है…न मैं सबसे अच्छी हूँ और न सबसे बुरी। ज़िंदगी आपको समय के साथ एवरेज बना देती है…उस भीड़ में शामिल कर ही देती है जिसको देखकर आपको एक समय तक घबराहट होती थी। अब भीड़ से अलग खुद को देखती हूँ तो खुद से ही डर लगने लगता है। पहले मुझे पता नहीं क्या क्या हो जाना था अब मैं खुद को बस खुद जैसी, पहले जैसी बनाने की जद्दोजहद में हर दिन निकाल देती हूँ। और कुछ सूझ नहीं रहा और ज़बरदस्ती लिखने में मैं विश्वास नहीं करती।
पढ़ने का शुक्रिया ,ख्याल रखिये।:tulip:

1 Like

Much relatable to me. :heart:
I wish you find yourself in this chaotic crowd. Much love to you. :heart:

1 Like

woow super duper :clap::clap::clap: @obscure_writer

1 Like

Thankyou dear :heart: @unknown_soul

Thanks alot🤗 @sharma.kanika0404

1 Like

shukriya @Thehouseoflekhani

1 Like