दुआओं का रिश्ता

दुआओं का रिश्ता मेरा सब के साथ है
नाम क्या है पता नहीं पर कोई तो बात है।

मीलों का सफर नापते उन नन्हें पैरों के छाले
मेरे दिल में चुभते क्यों दिन रात है ।
कुछ न कर पा ने की मायूसी ने
मुस्लले पे ला खड़ा किया
जो किसी के बस का है नहीं
वो बस रब के हाथ है
दुआओं का रिश्ता मेरा सब के साथ है।

भूक का धर्म पुछते हो, ज़ख़्म की ज़ात पुछते हो
बेहते लहू को परखते हो, कैसे अजीब हालात है।
तोहमतों का बाज़ार गर्म कर के
अपनी रोटियाँ सेकते हो
बरसों से दोस्त जो थे मेरे
अब अफ़वाहों साथ है
मोहरा है हर एक फर्द यहाँ
बिछाई बिसात हैं ।
फिर भी दुआओं का रिश्ता मेरा सब के साथ है।

न तौहफे की उम्मीद मुझे, न रुपये आस है
मैं खुश हूँ कि जीते जी अपनो का साथ है
तुम और कुछ न दो मुझे
बस दुआओं की दरख़्वास्त है।
क्योंकि दुआओं का रिश्ता मेरा सब के साथ है।
Hamida

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Wow. :heart_eyes:

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Bhut khubsurat likha h aapne​:ok_hand::ok_hand::ok_hand:

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:clap::clap::clap:

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