क्या तुम जानते हो?

कितना जीना होगा
ये जानने के लिए
की जिया कैसे जाता है?

कितनी राते जाग कर बिताई जाए
की एक रोज
जल्दी नींद आजाए.
और उठते से निकल पडू काशी
और दशाश्वमेध घाट पर आरती देखूं.

कितने रास्तो पर भटकना होगा
सही जगह पहुँचने को?

कितनी जंग हारनी होगी
एक युद्ध जितने के लिए?

वह जो ‘सबकुछ’ है
कितने ‘सबकुछ’ के बाद आता है
कोई नही जानता!

3 Likes

How you think so deep! Just amazing. :heart:

1 Like

thankyou🤗

:heart::heart::heart::heart:

Too good

1 Like

shukriya😀