महात्मा

वह तो एक सदात्मा था
वह तो एक महात्मा था
त्याग बोलने में अति आसान है
त्याग करने में लगती है जान की बाज़ी

त्याग को तो तभी समझोगे
जब, कोई चीज़ हो तुमने त्यागी
वो महान थे और आज भी दिलों में महान है
जी हां, वो भारत की शान हैं

पहनते थे सादगी पहनावा देशवासियों के खातिर
फिर भी कुछ को उनमें कमी नज़र आती है
तुम कोई और नही शायद वही लोग हो
जिनकी दीनो को दान देने में जान निकल जाती है

बापू को कुछ मत कहो मित्रों
सोचो, वो आज नहीं है फिर भी
उन्हें विभाजन का दोषी ठहराते हो
आखिर क्यों,उनका किया सर्वस्व बलिदान भूल जाते हो?

वो चाहते तो विदेश में रहते आराम से
पर, भारत की शान उनकी जान थी
भारत की जनता उनका परिवार था
आराम से अधिक उन्हे भारत से प्यार था

वह तो एक सदत्मा था
वह तो एक महात्मा था

                                                           स्वाती सिंह चौहान
4 Likes

waah bahut khub @Chauhan

1 Like

Nice. :blush:

1 Like

Thanks

1 Like