मासिक धर्म

ना समझ सी एक लड़की है,
आज जाने क्यों ज़रा तबियत उसकी भड़की हैं,
निचला हिस्सा रहा है दर्द से बेहद टूट…

मन में उसके एक अजीब सी बेचैनी छाई है,
पहले तो कभी हुआ नहीं कुछ ऐसा…
ना जाने आज कौन सी बीमारी उसे लगाई है,

ना आता उसे कुछ भी समझ,
रोते-रोते जाने वह कब सोती है,
कि अचानक खुलती उसकी आंखें,
महसूस होती कुछ गड़बड़ी है,
इस खबर से वो अनजान,
की वो आज बड़ी हो चली है…

कि तभी अचानक उसकी नजर, चादर की ओर जाती है ,
है रक्तरंजित वो देख चादर जोरों से चिल्लाती है,
चीख सुन मां उसकी दौड़ी चली आती है,
पूछने से पहले ही… कि क्या हुआ ???
उसकी नजर चादर की ओर जाती है,
फिर बेटी को रोता देख ,
अपने सीने से लगाती है ,
फिर बैठाकर पास अपने उसे
इस राज़ से रूबरू करवाती है…

नाम है इसका मासिक धर्म हर माह तुझको आएगा,
तोड़ेगा दर्द से यह बदन तेरा पर अंदर ही अंदर मजबूत बनाएगा,
यह कोई अभिशाप नहीं,
स्त्रियों को मिला एक अमूल्य वरदान है,
जिसके बलबूते होती एक नवजीवन की शुरुआत है,

वरदानों की गिनती करवा अब,
बारि आई इसकी रीतियों कि,
ना बताना इसके बारे में किसी को भी,
ना जाना मंदिर ना रसोई,
ना छूना ये - वो,
ना ले के पीना मटके से पानी,
ना खाना प्रसाद ,
और ना छूना आचार तुम…

देखना जरा संभल कर चलना,
संभल के रहना,
ना करना अब उछल कूद तुम,
देखना दाग ना आए कहीं कपड़ों पर,
इसका खास ख्याल रखना तुम ,
ना चलने देना पता किसी को,
ना खुद से जा करके कहना तुम…

इतना कह…
उठ चली गई,
फिर आकर एक सूती कपड़े का टुकड़ा हाथों में थमाया,
समझाया इसका उपयोग फिर
गुसलखाने जाने को इशारा किया…

मन में अब भी कई सवाल अनसुलझे से थे उसके…
पूछना चाहती थी वह मां से मगर…
पूछ ना सकी,

पूछना चाह तो यही रीत सदियों से चली आई है कहकर बात को टाल दिया गया ।।

#nandu23 #hindi #periods

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Brilliant piece of writing :clap:t2:

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Wonderfully written
@_little_writer23
Welcome to @yoalfaaz family
Keep posting
:heartpulse::bouquet::clap:

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thanks :blossom::heart:

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thanks :blossom::blush:

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Strong and beautiful post. :heart:
Write more, will love to read. :heart:

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thanku :heart:

Very well written. Keep it up

Very well expressed and beautifully written dear. Keep going :heart: