किस्मत का दस्तूर

पाना खोना, लगा रहेगा
किस्मत का दस्तूर है
हम कठपुतली है , रंगमंच के
हाथों उसके , मजबूर है
ना दिया उसने कभी ,समय से पहले
ना रोने पर वोह दे देगा
फिर काहे का रोष करे तू
जो पास में है , वोह भी खो देगा
बस अडिग सा रह तू, वृक्ष की भांति
पतझड़ में , अंगार भरे जा
ना विचलित कर , मन को प्यारे
बस खिलने का एहसास भरे जा
वसंत तेरा आएगा , तुझतक
वोह भी, समय के हाथों मजबूर है
खिलने का एहसास भरे जा ,
खिलना तेरा , दस्तूर है
पाना खोना, लगा रहेगा
किस्मत का दस्तूर है
हम कठपुतली है , रंगमंच
हाथों उसके , मजबूर है

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Beautiful post. :open_hands::heart:

Thank you, means a lot to me

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