मन मेरा मान सा नही रहा

मन मेरा मान सा नही रहा।

अजीब सा होने को कुछ मानो।।

दिल मेरा थेर सा नही रहा।

मानो बेचैनी खाने को हैं।

रातो की रोशनी ने उजगृ कर

दिन को ढाल सा दिया हो जैसे।

ओ मन सुनले आज तू भी।

आज़ाद तेरे खयलो से।

तेरे इन मिश्रित संकेतो से।

तेरि इन अटकलो से ना बहकते ।

अन्तहज्ञांनी तू बन जा चाहे।

आज ना रोक्ना इन सहज प्रज्ञा ने।

सुनो आप भी पग्लू!!!

चाहे मन माने नही…मनवाना इसे तै है.

लढ लेना हैं खुद्से आज तुमको…ये मन भी तहर जाना।

आज दिन ही चाहे ना हो मधुर।।

लेकीन आपकी मौजूदगी ही कारन हैं इस मिठास का…

आओना… इन्तजार मुस्कान का आपकी कर रहा संसार.

आपके नूर को पुलकित हो देख…ए दुनिया भी आप पे लूट जानी ।।।

मुस्कान और वो प्यारे बोल।।

जल्द आओ…

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waah how romantic :heart_eyes: and i like paglu word too :face_with_hand_over_mouth::face_with_hand_over_mouth: @Pratik

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Wow, beautiful. :heart:

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Gazab mere bhai, Gazab :ok_hand::ok_hand::ok_hand::ok_hand:

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! Thank you, that word means a lot!!:sweat_smile::face_with_hand_over_mouth:

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Thank you:)

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Shukriya :blush:

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