मेरे सुकून के साथी

मेरे सुकून के साथी हैं
न घर के है न बाराती हैं
नासमझियाँ मेरी उन्हें समझ आती हैं
ज़िंदगी उनके साथ बेपरवाह हो जाती है।

न खून का रिश्ता है, न किसी डोर से बंधा नाता
फिर भी साथ है जमानों से
वो वजह है मेरे बहानों के
ऐसे कुछ चुनिंदा साथी हैं
न घर के है न बाराती हैं
वो मेरे दोस्त हैं
मेरे सुकून के साथी हैं।

उनके आने से मेहफिल जम जाए
गमों के बोझ थोड़े कम जाए
तनहाइयाँ फड़कती नहीं आस पास
उनकी मेहरबानी है कुछ खास
कभी बारिश बन जाती है
कभी छत बन जाती है
दोस्ती उनकी काम बहोत आती है
वो मेरे सुकून के साथी हैं
वो मेरे दोस्त है।
Hamida

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nice

Bohot khub. :heart:

Thanks

Thanks a lot

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बेहद उम्दा
अति सुन्दर :clap::clap::clap::clap:

Thank for appreciating

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