अपनापन

अरे केशव! तुमने तो जीते जी मार दिया
जहां नफरत की ज्वाला थी,
वहां प्रेम का बीज बोकर
राधेय कर्ण को कौन्तेय क्यो बता दिया

अब वार रोक सकता हूं
पर, मार नहीं पाऊंगा
तुमने तो ऐसा कहा कि
मैं युद्ध से पहले ही हार गया

अरे! ओ माधव, कैसे भूलूं मित्र को
जिसने सम्मान बचाया मेरा
पर, कैसे मारूं अर्जुन को
छोटा भाई है मेरा

बताओ से कृष्णा! तुमने क्यों?
मुझे दुविधा में डाल दिया
अरे! ओ माधव! तुमने तो जीते जी मार दिया

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क्या बात है सर अति उत्तम!! @Chauhan

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That’s a really beautiful and different content. Glad to read you. :blush:
Welcome to YoAlfaaz, hope to read such contents more. :blush:

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Sorry but say mam …my name is swati

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अति सुन्दर, नायाब @Chauhan :slightly_smiling_face:
और
आपका YoAlfaaz परिवार में स्वागत हैं
मुस्कुराते रहिए, लिखते रहिए, जगमगाते रहिए :slightly_smiling_face:

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Nice post
@Chauhan
Welcome to @yoalfaaz family
Keep posting

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Thanks

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