हवा का रुख

कहीं ज़िन्दगी रोक देती है मिल्कियत पाने को
हर हवा रुख मोड़ लेती है किस्मत के नए दौर लाने को

© शगुफ़्ता के क़ादरी

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वाह क्या बात है @SKQ

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ज़र्रानवाज़ी का शुक्रिया❤️

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Khubsurat. :blue_heart:

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Shukriya :heart:

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बहुत खूब, बहुत खूब

ज़िन्दगी के सफ़र में मैं यू चलता रहा कुछ पाने को
ज़िन्दगी मुझसे खेलती रही मुझे हर पल हराने को

:slightly_smiling_face:

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Waah kya baat he😊

Shukriya :heart:

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Ji sukriya :slightly_smiling_face:

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Kyaa baat hai touch the deapth of the :heart:

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Humble gratitude

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