अब हम साथ नहीं

जानती हूं मैं अब हम साथ नहीं,
पर ना कर सको तुम एक कॉल ऐसी भी तो कोई बात नहीं…

वो दौर था अलग-हम साथ थे जब,
अब हैं अलग- अलग,तो क्या दिल में जज़्बात नहीं…

जान रही हूं मै-तुम्हें मुझसे अब प्यार नहीं,
पर तरसा दो सुनने को एक आवाज़ के लिए…
इस सज़ा की मै तो हक़दार नहीं…:rat:

-आरोही इनायत

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बहुत खूब, बहुत खूब
अति सुंदर :ok_hand::ok_hand::ok_hand:

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:heart::heart::heart:

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nice @Arohi_Inayat