सूरज से प्यार

कहते हो मोहब्बत चाँद से है, क्योंकी सूरज तो जालता है ,
फिर जब भी जीवन मे तुम्हारे अंधेरा आये तो, क्यों तुम्हारा जी घबराता है ,
उजाले की चाहत रख ही रखी है , तो मशाल तो थामनी ही पड़ेगी ना,
उस उजाले की चमक में रोशन होना हैं अगर तो उसके ताप से तपना भी तो होगा,
ठंड़क मे बैठकर तो सिर्फ अफसाने लिखते हैं…दोस्त!
रचना हैं इतिहास तो सूरज से प्यार तो करना होगा…

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Such a beautiful expression! :heart:

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sundar :heart:

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Wow so nice
@Chetna_Kashiwal
:heartpulse::bouquet::blush:

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waaho nice :clap::clap: @Chetna_Kashiwal

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