**हमारी प्यारी धरती माँ**

ये धरा जहाँ बस्ती है हस्ती हमारी,
कहते है सारे ये धरती माँ है हमारी |

माटी इसकी चन्दन सी, जिसे प्रकृति ने है खुद बनाया,
आँचल इसकी ममता भरी, जिसमें हम सबको है समाया |

करके समर्पित स्वयं को हमारे जीवन पर,
इसने बड़े प्रेम से अपनी गोद में बिठाया |

प्यार से जो भी दिया हमने, इसने उस पर अपना सर्वस्व वारा,
है इसके आँचल में ही सारा संसार समाया |

हम सब करते रहे अत्याचार धरती माँ पर,
वो तकलीफ में भी खुशियां बिखेरते रही हम सब पर |

जिसके वस्त्र थे ये पेड़, आभूषण था ये जल,
कर दिया सबकुछ ख़त्म, लाकर ये प्रदुषण |

धरती माँ की ये सुंदरता, थी ये उसकी हरियाली,
छीन ली इन नासमझों ने, पाने क्षणिक भर खुशीयाली |

अब देखो कैसे बदले मौसम, फैली नई - नई महामारी,
अब तो सबलोग संभल जाओ, समझो अपनी - अपनी जिम्मेदारी |

सुन्दर, स्वच्छ सब मिल इसे बना दो,
क्यूंकि ये धरती माँ है हमारी ||

@Monika_Kumari

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Bohat accha likha hai Apne :ok_hand: ,

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Nice post
@Monika_Kumari
:bouquet:

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Thanku… :slight_smile:

Thanku…

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It’s so well-written. :heart:
Keep on posting, dear. :blush:

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Thank u :blush: