धरती मैय्या

धरती माँ का आँचल छोड़े
खुद को सुख चैन पा लिए
न जाने कितने पेड़ तोड़े
धरती माँ के नैन रो दीए
तू तो उसका बेटा था ना
तो तूने कोनसा फर्ज निभाया
इतना कोनसा सुख चाहिए था तुझे
जो ख़ुदको इतना खुदगर्ज बनाया
रूठ गयी जब धरती मैय्या
तो देखा ना क्या बूरे हाल हुए
फिर भी ज्यादा नही सताया उसने
क्योंकि कुछ भी हो तू उसका लाल होवे हैं
अब ना रूठेगी मैय्या
इसका तू ध्यान रख
खुदकी जरुरतोंसे ज्यादा
धरती माँ का खयाल रख
ज्यादा पेड़ लगाये अगर तूने
तो उसके बरसेंगे आँसू खुशीके
मिट्टी,नदी और हवा स्वछ रखेगा अगर तू
तो आयेंगे दिन सबके हँसी के

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Great post. :heart:

Thanks @unknown_soul

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