**एक कहानी इस वक़्त की**

आज आओ सुनाऊ एक दस्ता इस वक़्त की

जंहा सब रुक सा गया है
लोग ठहर से गए है, वक़्त थम सा गया है

हर तरफ छाया है मातम
जहां छिड़ गयी है जंग, मौत और जिंदगी के बीच

वहाँ अपनी जाने गवा रहे है, हजारो लाखो लोग
ना जाने कितने अपनों के लिए आँशु बहा रहे

लोग अपनों से पराये हो रहे, दिन और रात तो बदल रहे
पर सब कहीं रुक से गए हैं, हर तरफ छायी है अंधियारी

लोग अपनों को पहचानने से इनकार कर रहे हैं
इन सबके बीच एक देश अपना है

जो दूसरे देश के लोगों को भी अपना बना रहे
कल जब पढोगे तुम इसे, जानोगे तब तुम

है हमारा देश सबसे प्यारा

घर पर रह कर भी,
हम सब निभा रहे इंसानियत का रिश्ता

आज आओ सुनाऊ एक दस्ता इस वक़्त की

जानो तुम भी और जाने हम भी ऐसा देश है हमारा
वैसे तो है सबसे पीछे, पर जब आज मुसीबत आयी
तो सब मिल कर लड़ रहे है

कल नया सबेरा भी आएगा
हम जंग जीत भी जायेंगे और फिर हमारा झंडा
सबसे ऊपर लहरायेगा |

@Monika_Kumari

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