तुझे लगता है तुझसे डरते ।

वो लोग जो तुझे लगता है तुझसे डरते है।

वाहिद तेरे वालिद का लिहाज़ करते है।

मिज़ाज बदलने से दुनिया भी नकमस्तक होती है
काबिल के दर पर क़ामयाबी हर रोज़ दस्तक देती है

किसी को डरा कर काबिलियत कहाँ साबित होती है ।
ज़ालिमों के मौत पर तो दुनिया भी नहीं रोती है।

Shah Talib Ahmed

3 Likes

Bhot khoob :clap::clap::clap::clap:

1 Like

Badiya likha hai! :fire:

1 Like