**नमन है**

एक रिश्ता जो जुड़ा था तुमसे माँ,
मेरे जन्म से भी पहले, तुम करती थी अनेक बाते,
और मैं सुन लेती थी, वो सब कही अनकही बाते,

महसूस कर लेती थी, तुम्हारे स्नेह स्पर्श को,
तुम्हारे भीतर, तुम्हे देखे बिना भी |

जन्म लेते ही मैंने देखा, तुम्हारे उस मृदुल रूप को
जिसने सिंचा मुझे प्रतिफल अपने प्राणो से |

तुम्हारे काँधे से लगकर, मधुर लोरियां सुनते
ना जाने कब सो जाती थी |

तुम्हारी ऊँगली पकड़ कर, चलना सीखा,
जीवन की ऊंच - नीच राहों पर,
मैंने देखा मेरे एक आँशु पर, तुम्हारा विहल हो जाना,
मैं कृतज्ञ हूँ माँ, तुम्हारे अपार स्नेह की |

प्यारी माँ, आज भी मैं जुड़ी हूँ,
तुम्हारे उसी सूत्र से, जिसने दिया मुझे यह स्वरुप |

तुम्हारे उस निर्मल, सरल स्वरुप को
मेरा बारम्बार नमन हैं ||

@Monika_Kumari

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Nicely written
@Monika_Kumari
Welcome to @yoalfaaz
Keep posting
:bouquet:

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Touching words! Will love to read more❤️
Keep writing dear. :heart:

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Thank You @Adithyan_ks

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Thank You… @unknown_soul

जितना सुंदर मां और बच्चे का रिश्ता होता है इतनी खूबसूरत यह कविता है :blush: @Monika_Kumari

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Well written :ok_hand:
No one can replace the place of our mothers and the bond is so deep of a child and a mother.
And welcome to our @yoalfaaz family our pleasure to have u.

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we also feel great dear :blush: @Nagma_lafzo_ka

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Thnku mam :see_no_evil:

Thank you @sharma.kanika0404

Thank you @Nagma_lafzo_ka

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