ग़ुलाब की टीस ...।

यह कांटो की चुभन भी ,
फ़िरदौसी लहू बहाती है ।
तेरे ग़ुलाब की टीस ,
अक़्सर याद आती है ।

            - शाहीर रफ़ी 

किसी शायर ने कहा था ,

किसी की याद में दुनिया को है भुलाए हुए ,
ज़माना गुज़रा है अपना ख़याल आए हुए ।

वह ग़ुलाब जो बेकार सा dustbin में पड़ा हुआ है ,उसकी टिस आज भी उन यादों को ताज़ा कर देती है । क्या फ़िरदौसी समा था ,अब दिल करता है ,फिरसे उस चुभन को एहसास करूँ ।

Word meaning :

फ़िरदौसी - heavenly

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Bahut khoob, bahut khoob
:+1::+1::+1:

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Kammaaal ka likhte ho Bhai aap

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