तेरी नज़र

तेरी नज़र उतारू
या मन्नत मांगू
किस चौखट से उतरेगा तेरा साया।

उफ्फ ये नाराज़गी में तेरी ख़ामोशी ।
हिचकियों को शह देकर मेरी नींद को कराया ज़ाया ।

Shah Talib Ahmed

3 Likes