आज सूरज खिल खिला रहा था

आज सूरज भी खिल खिला रहा है ,
अपनी रोशनी के साथ गुण गुना रहा है ।
उसकी चमक मै भी क्या जादू है ,
मानो छू रहा पूरा बादल है ।
मै भी कहीं खो गया था उसमे कहीं ,
उसकी सुंदरता ने मोह लिया था मुझे कहीं ।

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Beautiful words! :heart:

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thankww @unknown_soul :two_hearts:

:clap::clap::cherry_blossom:

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Thankew @sharma.kanika0404 :heavy_heart_exclamation::pray: