वो कहती है

वह कहती है कि हम पर कुछ लिखते नहीं हो,
कहां खो गए तुम, अब दिखते नहीं हो ।

पहले भी चुप हि थे, मगर अब कुछ कहते नहीं हो ।
उधर के हो गए तुम, क्या अब इधर रहते नहीं हो ?

हमारे जीने के लिए जिसकी एक मुस्कुराहट बहुत है,
आज उसको हमसे शिकायत बहुत है ।

3 Likes

Are ye bohot khubsurat hai! :heart:

1 Like

dhanyawadam :heart_eyes: :pray:

1 Like