एक ग़ज़ल

याद रखना
मुस्कुराना

दिल लगा के
गम छुपाना

ज़ुल्फ़ तेरी
इक फसाना

नैन तेरे
शाइराना

ख्वांब ए दिल तुम
हो पुराना

पढ़ गजल अब
गुनगुनाना

नज़्म मेरी
तुम सुनाना

रात से चाँद
तोड़ लाना

हो सहर जब
चहचहाना

याद आऊं
तो बताना

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Loved it
@Manu_Jain
:smiley:

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Thank you sir

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