लम्हे;

कहीं लम्हे गुज़र गए जनाब अभ तो मान जाओ
इस सिलसिले को भी अब, ख़तम करना पड़ेगा
हसरत है सिर्फ तुम्हे पाने कीयूँ मुझको तनहा मत करो,
मैंने तो इस वास्ते अपनों को भुलाया है कि सिर्फ तुझको याद रख सकूँ!!

~kamupillai

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