एक ऐसा ही महायोद्धा हमारे जग मे पिता कहलाएं ।

दुनिया की एक अलग भीड़ मे हाथ थामते वो हमें चलाएं ।
रखें जो बोझ हमारा अपने कंधों पर , हमें जीना सिखाएं ।।
एक ऐसा ही महायोद्धा हमारे जग मे पिता कहलाएं ।
आखों पर बांध पट्टी अनदेखा अपने सपने कर जाएं।।
हमारी एक मुस्कान पर हजारों दर्द कुर्बान कर जाएं ।
एक ऐसा ही महायोद्धा हमारे जग मे पिता कहलाएं ।।
सोचे जो दिन रात अपने बच्चों के बारें मे ।
कैसे उनका उज्जवल भविष्य बनाएं ।।
देखे जो हजारों ख्वाब हमारी बुंलदियों के ।
एक ऐसा ही महायोद्धा हमारे जग मे पिता कहलाएं ।।
रातों की नींद हराम कर अपनी , गहरी नींद हमें सुलाएं ।
दिन भर बहाकर पसीना अपना हमारी ज़ो ख्वाहिशें सजाएं ।।
एक ऐसा ही महायोद्धा हमारे जग मे पिता कहलाएं ।
लब्ज कम पड़ जाएं जिसकी तारीफ मे ।।
सिर झुक जाएं जिसकें तकदीर मे ।
एक ऐसा ही महायोद्धा हमारे जग मे पिता कहलाएं ।।

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Awesome post @Soulful_speech :ok_hand::ok_hand::ok_hand:

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