दिल संभालता है, टूट जाने के लिए

दिल संभालता है, टूट जाने के लिए
याद आती है, उसे भूल जाने के लिए ।
प्यार करते है, प्यार पाने के लिए
पास आते है, दूर बहुत दूर, जाने के लिए ।

वो नजर में है मगर, ओझल हो जाने के लिए
देखते है राह उनकी, कहीं खो जाने के लिए ।
है यही, कहीं पास मेरे, मुझसे जूझने के लिए
मसले सुलझे, बात हुईं, फिर उलझने के लिए ।

माफ करे मेरे भगवान मुझे, उन्हें गलत समझने के लिए
कमी मेरी, गलती मेरी, उन्हें पल हर पल, दोष देने के लिए ।

और

प्यार बहुत करते है, उनमें समा जाने के लिए
माफ करिए, हमारी खताए, हमारी जान के लिए ।

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Ouch! That’s painful!
Again. Lovely write-up… :heart:

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Thanks a lot :slightly_smiling_face:

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