बिछड़े गए परिंदे🌜

बिछड़े गए परिंदे जैसे कब मिले ही ना थे
चल पड़े अपने रास्ते मैं , मुँह फ़ेर के जैसे दो अंजान थे ।

ना पूछे किसने सबाल ना किसने जवाब दी
कुछ समय का खेल था, कुछ बदलाब अपनो ने दी ।।:last_quarter_moon_with_face:

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:dizzy::dizzy::dizzy:

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