रात ठहर गई है मुझमे ❤️

रात ठहर गई है मुझमे ।
ये सन्नाटे मैं कुछ आवाज़ आ रहा हैं
सायद धमाल मचा है तेरे यादों का ईश दिल मैं ।।

ये बादलों के बीच लुका छुपी खेलता
हुआ चांद भी कह रहा है
कहाँ छुपी हैं बो हसी तुह्मारी
क्या खो के आ गए हो किसी अंजान गली बो मैं ।।

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NICE POST @Rimmu_Ridhusni :ok_hand: :ok_hand: :ok_hand:

Nicely Penned!!